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Monday, August 30, 2010

IK GHAZAL

Endless love
Image by millzero via Flickr
ਅੱਜ ਜ਼ਰਾ ਕੋਈ ਨਵੀ ਗੱਲ ਕਰੋ 
ਚੰਨ ਮੁਖੜੇ ਨੂ ਮੇਰੀ ਵੱਲ ਕਰੋ ! 
ਬੇਵਫਾਈ ਲਈ ਇਕ ਮੈਂ ਹੀ ਨਹੀ
ਦੁਸ਼ਮਨਾਂ ਨਾਲ ਵੀ ਤਾਂ ਛਲ ਕਰੋ !
ਗਮਾਂ ਦੀ ਬਾਤ ਬਹੁਤ ਕਰ ਬੈਠੇ 
ਹੁਣ ਬਹਾਰਾਂ ਦੀ ਸਜਰੀ ਗੱਲ ਕਰੋ! 
ਨਜ਼ਰਾਂ ਤੋਂ ਪ੍ਯਾਰ  ਛਲਕਣ ਦੇਓ
ਮੂੰਹੋ ਬੇਸ਼ਕ ਨਾ ਕੋਈ ਗੱਲ ਕਰੋ !
ਗ਼ਮ ਦੇ ਹੰਜੂ ਬਹੁਤ ਹਾਂ ਪੀ ਬੈਠਾ
ਕਿਰਣ ਸੁਰਾਹੀ ਨੂ ਮੇਰੀ ਵਲ ਕਰੋ !! 
ਦਮਨ 
੨੯/੦੮ /੨੦੧੦
        
अज्ज ज़रा कोई नवी गल करो 
चन्न मुखड़े नु मेरे वल करो !
बेवफाई लई इक मैं ही नहीं 
दुश्मन नाल वी ता छल करो !
गमां दी बात बहुत कर बैठे 
हुन बहारां दी सजरी गल करो !
नजरा तों प्यार छलकन देओ
मूहो बेशक ना कोई गल करो !
गम दे हंजू बहुत हाँ पी बैठा 
किरण सुराही नु मेरी वल करो !

दमन 
२९/०८/२०१० 

ajj zara koi navi gall karo 
chann mukhde nu meri vall karo !
bewafai layi ik main hi nahi 
dushmana naal vi ta chhal karo !
gamaan di baat bahut kar baithe,
hun bahaaran di sajri gall karo !
nazaran to pyar chhalkan deo
mooho beshak na koi gall karo !
gham de hanju bahut haan pi baitha
kiran surahi nu meri val karo !

daman
29/08/2010     

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